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PostHeaderIcon केवल पूजा इलाहाबादी के लिए

लहर आती है किनारे से पलट जाती है,
याद आती है दिल मे बस जाती है,
दोनो मे फर्क इतना ही है लहर बेवक्त आती है,
और याद है वक़्त आती है !

दुआ करो हर जनम मे हम तुमसे मिला करे,
दोस्त ना सही दुसमन ही हुआ करें!

तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बाना सकता हूँ ,
तुझसे मिले बिना तेरा हाल बता सकता हूँ ,
है मेरी दोस्ती मे इतना दम ,
अपनी आख का आंसू तेरी आंख से गिरा सकता हूँ !

ऎ दोस्त तेरी दोस्ती उस घडी तडपायेगी ,
जब जिंदगी कहेगी अलविदा, और मौत भी ना आएगी !

दोस्ती कि तड़प को दिखाया नही जाता ,
दिल मे लगी आग कि बुझाया नही जाता ,
चाहे कितनी भी दुरी हो दोस्ती मे ,
आप जैसे दोस्त को भुलाया नही जाता !

पूजा इलाहाबादी कम से कम अब १ मेल कर दो !
दीपक श्रीवास्तव

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