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PostHeaderIcon संता बँटा और मोबाइल

एक बार संता और बंता ने मोबाइल लेने की सोची .
दोनों मोबाइल लेने मोबाइल की दुकान मी चल दिये.लेकिन कीमत बहुत ज्यादा होने के कारन वो दोनों मोबाइल नही ले पाए .
इसके बाद उन्होंने एक तरकीब निकली जैसा की पहले के समय मी लोग संदेश भेजने के लिए किया करते थे . उन्होंने मोबाइल की जगह कबूतर पलने की सोची . उन्होंने ने दो कबूतर के बच्चे लिए उसे पाल कर बड़ा किया उसे संदेश ले आने और ले जाने का तरकीब शिखाया . इसके बाद दोनों कबूतर संता का संदेश बँटा के पास और बँटा का संदेश संता के पास ले आने और ले जाने लगा .ये काम निरंतर चलता रहा .
एक दिन रात के समय मी संता का कबूतर बँटा के घर आ के उसे जगा दिया .कबूतर के गले मे एक कागज था पर वो सदा था उसमे कोई संदेश नही था .बँटा को गुस्सा आ गया उसने कबूतर को मर कर भगा दिया .कुछ देर बाद कबूतर फ़िर से आया .लेकिन इस बार भी कागज सदा था.बँटा को बहुत गुस्सा आया .सुबह होते ही वो संता के घर चल दिया . संता के घर पहुच कर बँटा ने कहा जब तेरे पास कोई संदेश नही था टू मुघे परेशान कोयुं किया .इसपर संता ने कहा .हा हा हा मई तो मिस काल कर रहा था

4 comments:

rampartap said...

very nice joke

sanjay bengani said...

.......





:)

sahiv said...

realy great

Anonymous said...

very nice om jai jagdish
googal here