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PostHeaderIcon Pyaar ka sachha paribhasha

हम लोग जो प्यार मोहबत करते हैं ,वो हमारे लिए सही नही है क्युंकी हमारे संस्क्रीती के खीलाफ़ है,भारत मे प्यार शादी के बाद किया जाता है,और वहीं सफल होता है,एक और बात ये बहुत मुश्किल है देशी अंदाज मे प्यार करना क्युंकी हम जो प्यार करते हैं उसमे टू एक दुश्रे को जानते हैं लेकीन भारतीय परम्परा मे हम शादी के बाद जानते हैं और फिर प्यार करते हैं .

1 comments:

राका डाकू said...

वह उस्ताद वाह
क्या खूब है |