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आती हैं जब हमे याद तुम्हारी
हमसे मत पूछो क्या हसरत है हमारी
एक कोशिश थी कभी पाना तस्वीर तुम्हारी
जो कह न सके अपनी जुबान से कभी हम ,
बिना कहे पूछ लेती तस्वीर तुम्हारी
होती जो आहट आँगन मेरे कभी
भर जाती तुम्हारे एहसास से चाहत हमारी
रहती हूँ जब मैं साए में खामोश के कभी
याद करती हूँ हमेशा मुस्कान तुम्हारी
आती हैं जब हमे याद तुम्हारी

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