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PostHeaderIcon क्यूँकी ग़म कभी ज़िंदगी से बढ़ कर नही होता

क्यूं कहते हो मेरे साथ कुछ भी बेहतर नही होता
सच ये है के जैसा चाहो वैसा नही होता
कोई सह लेता है कोई कह लेता है
क्यूँकी ग़म कभी ज़िंदगी से बढ़ कर नही होता

आज अपनो ने ही सीखा दिया हमे
यहाँ ठोकर देने वाला हैर पत्थर नही होता
क्यूं ज़िंदगी की मुश्क़िलो से हारे बैठे हो
इसके बिना कोई मंज़िल, कोई सफ़र नही होता
कोई तेरे साथ नही है तो भी ग़म ना कर
ख़ुद से बढ़ कर कोई दुनिया में हमसफ़र नही होता

4 comments:

Shipra said...

Hi,
रब से दुआ करते है कि मेरे दोस्तो को खुशियों का संसार मिले !
और जो आटिकल पोस्ट ना करे उन्हें GIRLFIREND से बहनो जैसा प्यार मिले !

मै आपको नही कह रही हूँ जितेन्न जी मै तो विप्र को कह रही हूँ !
वैसे आप काफी अच्छा लिखते है !
Byee

Vipra said...

तुम हंसाते बहुत हो, मन को भाते बहुत हो! जी चाहता है तुम्हें Dinner पर ले चलूँ , मगर सुना है ज़ालीम तुम खाते बहुत हो ..... हां हां हां हां हां :D

Shipra Ma'am, लिखते तो हम भी बहुत अच्छा हैं , ये अलग बात है कि पढ़ने वाले धोखा दे जातें हैं ....हां हां हां हां हां :D

Amit Mishra | Amit Mani Mishra said...

Aap dono bhar pet dokha khateo Phir bhi pet nahi bharta?

Handsome Devil said...

Hi Humne Tumhare Sab Post read kiye. Really Tum sab bahut accha likhte ho. Tumhare liye meri dua hai...
Mere dost tu jiwan me kabhi na murjhaye,
jahan bhi jaye khushiyan paye,
jab kabhi teri rahon me aandhera chaye,
Khuda roshni ke liye mujhe jalaye.

Thanks & Regards,
Mitesh Goyal.
mitesh.iloveu@gmail.com