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PostHeaderIcon सच्चा दोस्त कौन?


दोस्ती के बारे में कुछ भी बताने या कहने से पहले, हम आपको दो दोस्तों की एक कहानी सुनाते हैं, जिसे सुनकर शायद आप लोग समझ जाएंगे कि दोस्ती कितनी गहरी चीज होती है।

एक बार दो दोस्त- जूसी और लिएंडर, एक जंगल से गुजर रहे थे। अचानक नदी के किनारे पहुंचते ही उन दोनों में किसी बात पर झगडा हो गया। बातों-बातों में झगडा इतना बढ गया कि जूसी ने गुस्से में आकर लिएंडर को एक तमाचा जड दिया, पर लिएंडर ने पलट कर उससे कुछ जरूर नहीं कहा, लेकिन बस उसने नदी किनारे पडी मिट्टी पर यह लिख दिया कि आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मुझे बेइज्जत किया। इस घटना के बाद दोनों काफी देर तक नदी के किनारे बैठे रहे। और फिर शाम होते ही नदी में तैरने के लिए कूद पडे। दोनों नदी में तैर ही रहे थे कि लिएंडर गहरे पानी में पहुंच गया। अचानक न जाने कहां से मगरमच्छ उसके सामने आ गया! मगरमच्छ को देखते ही उसने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर जूसी अपनी जान की परवाह किए बिना ही मगरमच्छ से टक्कर लेने पहुंच गया। उसने सीधे मगरमच्छ की आंख पर अपनी कोहनी मार दी। मगरमच्छ बिलबिला उठा और लिएंडर को छोडकर जूसी की ओर आ लपका, लेकिन चूंकि जूसी पहले से ही अलॅर्ट था, इसलिए वह तेजी से तैर कर किनारे पर पहुंच गया। किनारे पर आकर मगरमच्छ उतनी फुर्ती नहीं दिखा सका। इस प्रकार दोनों दोस्तों की जानें बच गई।

इस घटना के बाद लिएंडर ने नदी किनारे की चट्टान पर यह लिखा कि आज मेरे सबसे प्यारे दोस्त ने मेरे जीवन की रक्षा की। यह देखकर जूसी ने पूछा कि पहले तुमने मिट्टी पर लिखा था और अब चट्टान पर, ऐसा क्यों? इस पर लिएंडर ने जवाब दिया कि दोस्त जब आपको दुख पहुंचाए, तो इसे रेत पर लिख देना चाहिए, ताकि जब हवा चले, ये शब्द खुद-ब-खुद रेत के साथ उड जाएं और जब दोस्त दोस्ती निभाए, तो उसे चट्टान पर लिख दो, ताकि वह जीवन भर के लिए अमिट हो जाए।

तो दोस्तो, आप लोग समझ ही गए होंगे कि वॉट मैसेज वी वॉन्ट टू गिव यू। अब बात करते हैं फ्रेंडशिप के कुछ ऐसे फंडों की, जिन्हें अपनाकर आप लोग सच्चे दोस्त पा सकेंगे।

Take the initiative

किसी से दोस्ती करने का सबसे प्रमुख फंडा है कि आप खुद इनिशिएटिव लें। मतलब पहल करने की आदत डालें। अक्सर हम इंतजार करते रह जाते हैं कि पहले सामने वाला हमसे दोस्ती की पहल करे। अगर आपको सच्चे दोस्त बनाने हैं, तो जान लें कि दोस्ती में ईगो के लिए कोई जगह नहीं है। इसलिए नए लोगों से दोस्ती करने के लिए हेजिटेट किए बिना अपना हाथ बढा देना चाहिए।

How to maintain friendship

दोस्ती करना तो आसान है, पर उसे निभाना बहुत मुश्किल है। हालांकि गहरी दोस्ती बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप और आपका दोस्त दोनों एक-दूसरे पर पूरा विश्वास करें और अपने सीक्रेट्स भी आपस में शेयर करें। दरअसल, दूरियां कम करने के लिए जरूरी है कि आप एक-दूसरे की फैमिली के बारे में भी जानें। दोस्ती अच्छी बनी रहे, इसके लिए जरूरी है, किसी विषय पर तर्क करते समय उग्र न हों। जब आपको लगे कि मामला पेचीदा होता जा रहा है, तो तुरंत बातचीत का टॉपिक बदल दें। इससे आपस में अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है। हमेशा एक-दूसरे की फीलिंग्स की कद्र करनी चाहिए।

साथ ही अपने दोस्त की अनुपस्थिति में कभी भी उसकी बुराई न सुनें। अगर कोई आपसे उसके बारे में निगैटिव बात करे, तो उसे अनसुना कर दें, ताकि वह दोबारा आपके दोस्त के खिलाफ कुछ कहने की हिम्मत ही न कर पाए। एक बात और बेहद जरूरी है। दरअसल, सच्ची फ्रेंडशिप को मेंटेन रखने के लिए आप लोग थोडे समझदार बनें।

छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे की बुराई न करें। हमारे अधिकतर जूनियर फ्रेंड अक्सर अपने दोस्तों से बहुत जल्द ही नाराज हो जाते हैं और आपस में बातचीत तक बंद कर देते हैं। ऐसा करके आप अपना एक वेलविशर फ्रेंड खो देते हैं।

Tips for strong bond of friendship

1. किसी से भी दोस्ती के लिए खुद पहल करें।

2. दोस्ती में छोटे-छोटे सैक्रिफाइस करने के लिए हमेशा तैयार रहें।

3. दोस्ती एक रिश्ता है, जिसे आप खुद संजोते हैं, इसलिए अपने दोस्तों पर पूरा विश्वास रखें।

4. दोस्तों के साथ अपनी बातें शेयर करने में हिचकिचाए नहीं।

5. कभी भी अपने दोस्त की बुराई किसी अन्य से न करें।

How to recognize true friend

सच्ची दोस्ती के लिए कोई वेरिफाइड फॉर्मूला नहीं होता है। बस, आप अपने एक्सपीरिएंस के आधार पर जान पाते हैं कि कौन आपका सच्चा दोस्त है! जब आप किसी मुसीबत में होते हैं और उस समय जो दोस्त आपकी हरसंभव मदद करता है, वही आपका सच्चा दोस्त होता है। याद रखिए कि न् friend in need is a friend indeed. अब क्या सोच रहे हैं, इस संडे को फ्रेंडशिप डे के मौके पर सच्ची दोस्ती का रेजॅल्यूशॅन लें ऐंड सेलिब्रेट दिस डे विद अ डिफरेंट स्टाइल।

Alphabet`s Says

F - Faithful

R - Reliable

I - In touch

E - Enduring

N - Needed

D - Devoted

ज्यादातर लोग इस उम्मीद में रहते हैं कि कोई आगे बढ़कर उनसे दोस्ती करे, मगर क्या ऐसा होता है? आखिर दोस्ती कैसे की जाती है? कौन होता है सच्चा दोस्त? ,अचानक न जाने कहां से मगरमच्छ उसके सामने आ गया! मगरमच्छ को देखते ही उसने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू कर दिया।

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